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Showing posts from 2020

पेंच टाइगर रिजर्व में मिला ब्लैक पेंथर

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                                                 ट्रैप कैमरा से चल रही मॉनीटरिंग   जबलपुर। मध्य प्रदेश में ब्लैक पेंथर की मौजूदगी एक बार फिर उस वक्त स्पष्ट हो गई, जब सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में एक मादा तेंदुए अपने तीन शावकों (एक ब्लैक शावक) के साथ देखी गई। मादा तेंदुए का एक शावक को पर्यटकों ने देखे जाने की पुष्टि वन विभाग के अधिकारियों से की है। पर्यटकों को भी दिए दर्शन, उत्साह वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टाइगर रिजर्व में विचरण कर रही ब्लैक पेंथर को पर्यटकों ने भी देखा है। शावकों को लेकर घूम रही मादा तेंदुए के दर्शन को लेकर पर्यटकों में जर्बदस्त उत्साह है। कब-कब दिखा ब्लैक पेंथर पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि के वनक्षेत्र में एक मादा तेंदुआ एवं उसके तीन शावक दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक शाव...

वन विहार में बढ़ा चौसिंगा का कुनबा, 2 नवजात चौसिंगा आए

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  भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में 2 नवजात चौसिंगा के आने से कुनबा बढ़ गया है। अब इनकी संख्या 7 पर पहुंच गई है। पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए नवजात चौसिंगा की देखरेख को लेकर प्रबंधन ने खासे इंतजाम कर रखे हैं। बताया जा रहा है वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-जू भोपाल में मादा चौसिंगा द्वारा 2 नवजात को जन्म दिया गया है। प्रसव बाद मादा एवं दोनों नवजात पूर्णत: स्वस्थ हैं। इनके केयर टेकर और वन्य-प्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता की देखरेख में समुचित देखभाल की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 5 चौसिंगा और 2 नवजात को मिलाकर 7 चौसिंगा हो गये हैं। यह नवजात चौसिंगे पर्यटकों, विशेषकर बच्चों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं।

बांधवगढ़ में दो बाघिनों की मौत

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2 सौ मीटर के दूरी पर मिले शव, मौत के कारण जानने में जुटा महकमा    जबलपुर। खूंखार बाघों के लिए चर्चित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दो बाघिनों की मौत हो गई। सर्चिंग के दौरान मिले शवों की सूचना के बाद महकमें हडकम्प मच गया। बताया जाता है कि शनिवार सुबह धमोखर परिक्षेत्र की पारसी बीट के कक्ष क्रमांक पी 145 में हाथी गश्ती के दौरान एक मादा बाघ का शव मिला, जो लगभग दो से तीन दिन पुराना था। इसकी सूचना जैसे ही पार्क प्रबंधन के अफसरों को दी गई, तो वे भी मौके पर पहुंचे, जहां पर क्षेत्र को सेक्टर में विभक्त कर सघन सर्चिंग की गई तो घटना स्थल से लगभग 200 मी की दूरी पर एक और मादा बाघ का शव मिला जो कुछ घंटे ही पुराना था।   स्नेफर डॉग से कराई जा रही सर्चिंग घटना की सूचना परिक्षेत्र  अधिकारी ताला द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई जो सहायक वन्य जीव शल्य तथा एनटीसीए के प्रतिनिधि के साथ मौके पर पहुंचे। स्नेफर डॉग बेली से सर्चिंग कराई गई।  एसओपी अनुसार शव परीक्षण कर सेंपल लिए गए और शवदाह किया गया। फील्ड डायरेक्टर विसेंट रहीम का कहना है कि मृत्यु के कारणों की जांच की का रही है।इस दौरा...

गुफा में मृत मिले बाघ के 2 नवजात शावक

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   जबलपुर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ताला रेंज में पहाड़ी के ऊपर एक गुफा में बाघ के दो नवजात शावक मृत अवस्था में मिले। नवजात शावकों को मृत देख पार्क प्रबंधन में मायुसी छा गई। नवजात शावकों के शव को बरामद कर दोनों का दाह संस्कार कर समस्त अवयवों सहित जलाकर नष्ट किया गया । पार्क प्रबंधन के अधिकारियों के मुताबिक कल दिनांक 9 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे  हाथी गश्त के दौरान ताला परिक्षेत्र की दक्षिण गोहडी बीट के कक्ष क्रमांक 301में उमरहा पहाड़ी के ऊपर एक गुफा के समीप 2 नवजात  मादा बाघ शावक देखे गएए जिनकी आंखें भी नहीं खुली थीं। इनमें से एक मृतप्राय अवस्था में थी और दूसरी शावक  आवाज कर रहा थी। दोनों शावक गुफा से कुछ दूर पाए गए। तत्काल सूचना पाकर ताला सहायक संचालक ताला और वन्य जीव पशु चिकित्सक को मौके पर रवाना किया गया एवं सूचना मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक को दी गई। उनके द्वारा वन्य जीव विशेषज्ञों से राय लेकर शावकों पर रात भर नजर रखने के निर्देश दिए।दिनांक 10 अक्टूबर को सुबह पुन: स्थल पर जाकर देखने पर दोनों शावक मौके पर मृत पाए गए। मौके पर मादा बाघ के पद चिन्ह भी देखे गए जिससे ऐसा ...

पेंच टाइगर रिजर्व में हाथियों की ‘खातिरदारी’

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   पेंच टाइगर रिजर्व में  हाथियों को परोसे जा रहे मन पसंद फल पेंच टाइगर रिजर्व में इन दिनों हाथियों की जमकर ‘खातिरदारी’ की जा रही है।  पार्क के इन पालतू हाथियों को सुबह से लेकर शाम तक वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। हाथियों को उनके मनपंसद फल और भोजन परोसे जा रहे  हैं। यह सब हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित रिजुवेशन कैंप में किया जा रहा है।   पांच दिवसीय कैंप में पार्क के हाथियों को महावत व चाराकाटर उन्हें नहलाकर उनकी नीम के तेल से मालिश करना व  नाखूनों की सफाई करने का काम कर रहे हैं।  कैंप के संबंध फील्ड डायरेक्टर विक्रम सिंह परिहार बताते है कि हमारे यहां पर वर्तमान में पेंच टाइगर रिजर्व में 5 पालतू हाथी है। पांच दिनों तक चलने वाले कैंप में इन हाथियों से कोई भी काम नहीं लिया जाएगा। सिर्फ इनकी सेवा की जाए गी। उन्होंने आगे बताया कि सबसे पहले सुबह हाथियों को नहलाकर नीम के तेल से मालिश की जा रही है।  साथ ही पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के वेटरनरी डॉक्टर डॉ. अखिलेश मिश्रा द्वारा हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। भोजन में इन...

नीम के पेड़ में लटका मिला तेंदुए का शव

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पन्ना टाइगर रिजर् व के बाघ, तेंदुए पर शिकारियों की नजर बनी हुई है। इन शिकारियों ने अपने शिकार के तौर तरीकों को धीरे-धीरे बदलना शुरू कर दिया है। आज पन्ना जिले के सलेहा के ग्राम तमोली गांव में  पहाड़ी के पास तेंदुआ नीम के पेड़ में तेंदुआ मृत अवस्था में देखा गया। जिसकी सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी, एसडीओ रेंजर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां पर पेड़ में लगे फंदे से तेंदुए का शव निकाला गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।  तेंदुए के पेड़ में लटके शव को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। वन विभाग के अफसरों ने ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है।

हथिनी रूपकली ने 100 किग्रा वजनी बच्चे को जन्म

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पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व की मादा हाथी रूपकली ने  18.09.2020 को सुबह 05.1 0 ब जे एक मादा हाथी के बच्चे को जन्म दिया है। हाथी कैम्प हिनौता में हथनी व उसका दोनों ही स्वस्थ बताए जा रहे हैं। बच्चे का अनुमानित  बजन 100 किग्रा है। प्रसव के उपरान्त हाथी एवं बच्चे से सम्बन्धित तकनीकी पयर्वेक्षण डॉ. एसके गुप्ता किया गया है एवं क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व ने बताया कि हथनी व उसके बच्चे की हेल्थ मॉनीटरिंग व व्हेवियर मॉनीटरिंग की जा रही है।

रेडियो कॉलर ने कर दिए थे बाघिन के गले में घाव

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रेस्क्यू कर वेटर नरी डॉक्टर डॉ. संजीव गुप्ता ने दिया उपचार पन्ना। पन्ना बाघ पुर्नस्थापना योजना के तहत कान्हा से लाई गई अनाथ बाघिन टी-4 की तीसरे लिटर की संतान पी-433 का रेडियो कॉलर टाइट हो गया था। रेडियो कॉलर टाइट होने की बजह से बाघिन को परेशानी हो रही थी। पूर्व में इस बाघिन को दिनांक 11.12.2014 को रेडियो कॉलर किया गया था उस समय इसकी उम्र महज ढेड़ वर्ष थी। इसके रेडियो कॉलर को हटाने हेतु काफी समय से प्रयास किया जा रहा था। किन्तु वह सही स्थान पर लोकेट नही हो पा रही थी। शनिवार हिनौता परिक्षेत्र के गंगऊ बीट में लोकेशन मिलने पर तत्काल रेस्क्यू दल द्वारा मौके पर पहुंच कर बाघिन को सफलतापूर्वक ट्रंकुलाइज कर रेडियो कॉलर निकाला गया। रेडियो कॉलर टाइट होने के कारण उसके गले में 02 छोटे-छोटे घाव पाये गये जिसका मौके पर उपचार किया गया। आवश्यक उपचार उपरान्त बाघिन को स्वछंद विचरण हेतु स्वस्थ्य हालत में वन क्षेत्र में छोड़ा गया तथा उसकी निगरानी निरंतर जारी है। बाघिन का स्वास्थ्य सामान्य पाया गया। पूरी कायर्वाही क्षेत्र संचालक के मार्गदर्शन में  जराण्डे ईश्वर रामहरि, उप संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व के नेत...

दो सर्जरी के बाद फिर दौड़ा तेंदुआ

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 18 जनवरी 2020 की रात  रायसेन वन मंडल के   गीदगढ़ से मरणासन्न हालत में लाया ग ए   तेंदुए की जान बचाने में  वेटरनरी सर्जन  एक बार फिर सफल रहे  बताया जाता है कि इस तेंदुए को बड़ी गंभीर हालत में  वन विहार नेशनल पार्क  भोपाल  में वन विभाग की टीमें  उपचार के लिए  मरणासन्न हालत में लेकर  पहुंची थी  जहां पर वेटरनरी  डॉक्टर  अतुल गुप्ता  ने  इस की चोटों को देखते हुए  दो सर्जरी करने का निर्णय लिया  हालांकि यह सर्जरी अलग-अलग समय पर की गई हैं  लेकिन दोनों ही सर्जरी  सफल रही यह तेंदुआ गीदगढ़ में तारों में बुरी तरह फंस गया था। लाते समय इसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। छाती एवं पेट पर चारों ओर पूरी गोलाई में कंधे के नीचे काफी गहरे घाव थे, जो कि फेंसिग वायर के कसे होने के कारण काफी गहरे हो गये थे। तेंदुए द्वारा तारों में फंस जाने पर निकलने के पुरजोर प्रयास के कारण घाव और ज्यादा गंभीर होते चले गए।  इस तेंदुए ने  शुरुआती दौर में  13 दिन तक  कुछ भी नहीं खाया  हालत देखते हुए चिकित...

कान्हा में हाथियों की खातिरदारी, नहलाने से पहले मालिश खाने में नारियल गुड़

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हर्षित चौरसिया, जबलपुर। कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपाखार रेंज में इन दिनों पालतू हाथियों की विशेष खातिरदारी की जा रही है। इन हाथियों को सुबह जहाँ नहाने से पहले महावत पैर की मालिश नीम के तेल से सिर की मालिश अरण्डी के तेल से कर रहे हैए तो इन्हें खाने में गुड़ नारियल, पपीता के साथ अतिरिक्त खुराकए विटामिन्स, मिनरल, गन्ना, केला, मक्का, आम, अनानास, आदि खिलाए जा रहे है।   कान्हा टायगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर श्रीएल कृष्णमूर्ति ने बताया पिछले कुछ वर्षों से की यह कैम्प आयोजित किया जाता रहा है। इस वर्ष भी हमने इसका आयोजन किया है। इसमें पार्क 16 विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य की विशेष रूप से देखभाल की जाऐगी। महावत एवं चाराकटरों द्वारा विभागीय हाथियों को पूर्ण आराम के अतिरिक्त उनकी विशेष सेवा में लगे हुए हैं। होगा हेल्थ चेकअप, लिए जाएंगे ब्लड सैम्पल रिजुवेशन केम्प में हाथियों के रक्त के नमूने जांच हेतु लिये जाएंगे, हाथियों के नाखूनों की ट्रिमिंग, दवा द्वारा पेट के कृमियों की सफाई तथा हाथी दांत की आवश्यतानुसार कटाई की जाएगी।

बैतूल का राजा करेगा, राजधानी के वन विहार में करेगा ‘राज’

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हर्षित चौरसिया, जबलपुर।  प् रदेश के बैतूल जिले के वन क्षेत्र सारणी में अपनी पैठ जमाने वाला जंगल का राजा (बाघ) अब राजा भोज की नगरी प्रदेश की राजधानी के वन विहार नेशनल पार्क में राज करेगा। बताया जाता है यह बाघ बैतूल जिले के सारणी के आबादी वाले क्षेत्र में शिकार के लिए निकला तो वन विभाग ने उसे इंसानों के लिए खतरा बनने से रोकते हुए उसे पकड़ा ओर सतपुडा टाइगर रिजर्व में राज करने के लिए छोड़ दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद यह बाघ टाइगर रिजर्व की सीमा को पार कर फिर बैतूल के जंगल में अपनी टेरेटरी में वापस चला गया। खबर चली कि यह वही बाघ है जो सारणी के जंगलों में घूम रहा था। एक बार फिर वन विभाग ने वेटरनरी डॉक्टरों व एक्सपर्टस की मदद से इसे पकड़ा ओर अब कान्हा टाइगर रिजर्व में इसे एक बाडे में रखा गया। एक साल भेजा गया वन विहार कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि कान्हा टायगर रिजर्व के अंतर्गत घोरेला फेसिंग में लगभग वर्षभर से रखे गये बाघ को हमने शुक्रवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल के लिए रवाना कर दिया गया है। यह बाघ पूर्व में बैतूल जिले के सारणी क्षेत्र में आबा...

बैल के पेट से निकाला 25 किलो पॉलीथिन, गिट्टी के टुकड़े

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बालाघाट के पशु चिकित्सकों की मेहनत से बची मूक पशु की जान हर्षित चौरसिया। प्रदेश में चल रहे कोरोना संक्रमण के चलते चल रहे लॉक डाउन के बीच बालाघाट जिले के पशु चिकित्सकों ने सर्जरी कर न सिर्फ  एक बैल की जान बचाई है बल्कि उसके पेट से करीब 25 किलो पॉलीथिन के साथ गिट्टी के कुछ टुकड़े भी निकाले हैं।                         बताया जा रहा है कि श्री बालाजी गौशाला बिठली में 17 मई को एक बैल के बीमार होने के बाद उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस पर गौशाला प्रबंधन ने डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पीके अतुलकर को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद डॉ. अतुलकर ने इसके लिए पशु चिकित्सकों की एक टीम तैयार की और गौ-शाला भेजी। जांच करने के बाद पशु चिकित्सक विशेषज्ञों की टीम ने बैल की सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी करने के बाद चिकित्सकों ने बैल के पेट से करीब 25 किलो पॉलीथिन व गिट्टी के कुछ टुकडे भी निकाले, तब कहीं जाकर बैल की जान बचाई जा सकी। इन पशु चिकित्सकों ने की सर्जरी   बै...