बैल के पेट से निकाला 25 किलो पॉलीथिन, गिट्टी के टुकड़े



बालाघाट के पशु चिकित्सकों की मेहनत से बची मूक पशु की जान
हर्षित चौरसिया। प्रदेश में चल रहे कोरोना संक्रमण के चलते चल रहे लॉक डाउन के बीच बालाघाट जिले के पशु चिकित्सकों ने सर्जरी कर न सिर्फ  एक बैल की जान बचाई है बल्कि उसके पेट से करीब 25 किलो पॉलीथिन के साथ गिट्टी के कुछ टुकड़े भी निकाले हैं।
                        बताया जा रहा है कि श्री बालाजी गौशाला बिठली में 17 मई को एक बैल के बीमार होने के बाद उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस पर गौशाला प्रबंधन ने डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पीके अतुलकर को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद डॉ. अतुलकर ने इसके लिए पशु चिकित्सकों की एक टीम तैयार की और गौ-शाला भेजी। जांच करने के बाद पशु चिकित्सक विशेषज्ञों की टीम ने बैल की सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी करने के बाद चिकित्सकों ने बैल के पेट से करीब 25 किलो पॉलीथिन व गिट्टी के कुछ टुकडे भी निकाले, तब कहीं जाकर बैल की जान बचाई जा सकी।

इन पशु चिकित्सकों ने की सर्जरी

  बैल की रूमीनाटॉमी सर्जरी की टीम में वेटरनरी डॉ. आशीष वैद्य, डॉ.  मंजूषा कुशराम, डॉ. राकेश शील, डॉ. राकेश वारेस्वार, डॉ. रश्मि कुलेश, डॉ. योगश घोड़ेश्वर एवं डॉ. नीरज पुरी शामिल रहे। वहीं इस आॅपरेशन में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी विवेक जनबंधु, प्रमोद कटरे, गौ सेवक गुलाब राहंगडाले, धनेंद्र सहारे, अशोक ठाकरे और गौशाला का संचालन करनेवाले समूह के सदस्यों व ग्रामीणों का बहुत योगदान रहा है।

पॉलीथिन में खाद्य साम्रगी न फेंके : डॉ. अतुलकर


इस सर्जरी के बाद उप संचालक पशु चिकित्सा सेवा डॉ पीके अतुलकर ने जिले की जनता से अनुरोध किया है कि वह अपने पशुओं को आवारा ना छोड़े। जनता से अपील की गई है कि वह पॉलिथीन में खाद्य सामग्री को यहां वहां न फेंके बल्कि उसका उचित निस्तारण करें।

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