दो सर्जरी के बाद फिर दौड़ा तेंदुआ



 18 जनवरी 2020 की रात  रायसेन वन मंडल के गीदगढ़ से मरणासन्न हालत में लाया ग तेंदुए की जान बचाने में  वेटरनरी सर्जन  एक बार फिर सफल रहे  बताया जाता है कि इस तेंदुए को बड़ी गंभीर हालत में  वन विहार नेशनल पार्क भोपाल  में वन विभाग की टीमें  उपचार के लिए  मरणासन्न हालत में लेकर  पहुंची थी  जहां पर वेटरनरी  डॉक्टर  अतुल गुप्ता  ने  इस की चोटों को देखते हुए  दो सर्जरी करने का निर्णय लिया  हालांकि यह सर्जरी अलग-अलग समय पर की गई हैं  लेकिन दोनों ही सर्जरी  सफल रही

यह तेंदुआ गीदगढ़ में तारों में बुरी तरह फंस गया था। लाते समय इसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। छाती एवं पेट पर चारों ओर पूरी गोलाई में कंधे के नीचे काफी गहरे घाव थे, जो कि फेंसिग वायर के कसे होने के कारण काफी गहरे हो गये थे। तेंदुए द्वारा तारों में फंस जाने पर निकलने के पुरजोर प्रयास के कारण घाव और ज्यादा गंभीर होते चले गए।

 इस तेंदुए ने  शुरुआती दौर में  13 दिन तक  कुछ भी नहीं खाया  हालत देखते हुए चिकित्सकों ने से  सेलाइन और पानी की दम पर जीवित रखा  इसके बाद  यह इसकी देखरेख  24 घंटे  मॉनिटरिंग और हेल्थ चेक अप  की बदौलत  यह तेंदुआ  8 महीने बाद  फिर से पूरी तरह स्वस्थ हो गया  और शिकार के लिए  तैयार  लगातार  वेटरनरी डॉक्टर और वन विभाग के अधिकारियों की मॉनिटरिंग  के बाद  इसे  स्वस्थ देखकर जंगल में छोड़ने का निर्णय वन विभाग ने लिया  हेल्थ चेकअप के बाद  तेंदुए को  रातापानी  अभ्यारण के जंगल में  छोड़ दिया गयाकी दो क्रिटिकल सर्जरी और 13 दिन तक सेलाइन और पानी की दम पर जिंदा रहे रहा तेंदुआ आखिरकार फिर जंगल में शिकार के लिए निकल पड़ा है



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