Posts

Showing posts from 2019

1365 करोड़ से होगा बिगड़े बाँस वनों का सुधार

Image
 संरक्षण की कवायद में लगी प्रदेश सरकार की योजना से 1.5  हजार वनवासी परिवारों को होगा लाभ    जबलपुर। मध्य प्रदेश में बिगड़े हुए बांस के वनों के सुधार और सरंक्षण के लिए राज्य सरकार ने योजना तैयार कर 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले वनों को सुधारने के लिए 1365 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई है। संरक्षण की कवायद में राज्य सरकार की इस महती योजना से डेढ़ हजार वनवासी परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों ने अपना प्लान तैयार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि वनवासी समुदाय की आजीविका में वन उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है। बताया जा रहा है कि  शासन ने वनवासियों की आजीविका को सुरक्षित आर्थिक आधार प्रदान करने के लिये बिगड़े बांस वनों के सुधार एवं संरक्षण की योजना के माध्यम से उपकृत करने का प्लान बनाया है।  योजना से शुरू के 4 सालों में लगभग डेढ़ हजार वनवासी परिवार लाभान्वित होंगे। वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन  चितरंजन त्यागी ने बताया कि इस योजना से वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा। साथ ही,...

अलविदा 2019 : 88 हजार 683 पर्यटक पहुँचे पेंच टाइगर रिजर्व

Image
             हर साल लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या   जबलपुर। कान्हा टाइगर रिजर्व के बाद देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्व में शामिल  मध्यप्रदेश का पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन वर्ष 2018-19 में 88 हजार 683 पर्यटकों ने अपनी आमद दर्ज कराई। पर्यटकों इसमें 79 हजार 852 भारतीय और 8 हजार 831 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इससे रिजर्व को अब तक का सर्वाधिक 3 करोड़ 11 लाख 35 हजार 923 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ।   इन वन्यजीवों का होता है दीदार पेंच टाइगर रिजर्व देश में सबसे अधिक शाकाहारी घनत्व वाला पार्क है। यहाँ मांसाहारी प्राणियों में बाघ, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, कुत्ते, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, भेड़िया, नेवला आदि और शाकाहारी प्रजातियों में मुख्य रूप से बायसन, चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, चिंकारा, जंगली सुअर आदि जानवरों की बहुतायत के साथ खूबसूरत जंगल भी सैलानियों को आकर्षित करते हैं। राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न मौसमों में लगभग 325 प्रजाति के पक्षी देखे जा सकते हैं। पार्क के तोतलाडोह जलाशय के डूब क्षेत्रों में सर्दी के...

कभी बाघ विहीन रहे पन्ना टाइगर रिजर्व में अब 55 बाघों का कुनबा

Image
हर्षित चौरसिया, जबलपुर। वर्ष 1994 में बाघों की मौजूदगी के चलते टाइगर रिजर्व का दर्जा पाने वाले पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्ष 2009 में ऐसा समय आया कि यहां पर एक भी बाघ नहीं बचा। टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया। इसके बाद वन विभाग के अफसरों और सरकार की कवायद से शुरू हुआ बाघ पुर्न: स्थापना का अभियान। 10 साल बाद आज पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के कुनबा में संख्या बढ़कर 55 तक पहुंच गई है।  मार्च 2009 में बांधवगढ़-कान्हा से आई थी टाइग्रेस बताया जाता है कि मार्च-2009 में बांधवगढ़ और कान्हा टाइगर रिजर्व से 2 बाघिन को पन्ना लाया गया। इन्हें टी-1 और टी-2 नाम दिया गया। इसके बाद 6 दिसम्बर को पेंच टाइगर रिजर्व से बाघ लाया गया, जिसका नामकरण टी-3 किया गया। इस बाघ का पन्ना टाइगर रिजर्व में मन नहीं लगा और वह वापस दक्षिण दिशा की ओर चल पड़ा। हर वक्त सतर्क पार्क प्रबंधन ने 19 दिन तक बड़ी कठिनाई और मशक्कत से इसका लगातार पीछा किया और 25 दिसम्बर को इसे बेहोश कर पुन: पार्क में ले आये।    बाघ टी-3 को ढूंढना था मुश्किल  तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर आर. श्रीनिवास मूर्ति के मुताबिक बाघ पुर्न:स्थापना...

कान्हा की शान ‘मुन्ना’ बाघ के लिये वन विहार में नया घर तैयार

Image
                                                                                           सुपर केट है 17 वर्षीय है  मुन्ना  भोपाल। देश के सबसे लोकिप्रय बाघों में से एक और बरसों कान्हा की शान के नाम से मशहूर ‘मुन्ना’ बाघ के लिये वन विहार में नया घर (बाडा) तैयार हो गया है। मुन्ना बाघ आजकल भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय एकलव्य खेल प्रतियोगिता की पहचान लोगों बन गया है। इसे हाल ही में कान्हा टाइगर रिजर्व से भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में शिफ्ट किया गया है। पूरे विश्व में यह 17 वर्षीय बाघ मुन्ना अपने माथे पर अंकित धारियों केट और उ...

कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन बाघ की मौत

Image
               करंट लगने से हुई मौत की पड़ताल में जुटा महकमा जबलपुर। कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में शिकारियों की घुसपैठ के चलते एक बाघ ने दम तोड़ दिया। बफर जोन में हुई इस घटना की खबर लगते ही वन विभाग में हडकम्प मच गया। बताया जाता है कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मोतीनाला बफर जोन के मंगली बीट कक्ष क्रमांक 190, टिकराझोड़ी में शाम को गश्ती के दौरान गंध आने पर गश्तीदल ने क्षेत्र में सर्चिग की। सर्चिग के दौरान  टीम ने बाघ का करकश देखा। इस पर रिजर्व के गश्ती दल ने पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर अंजना सूचिता तिर्की, वेटरनरी डॉक्टर डॉ. संदीप अग्रवाल,  एनटीसीए के प्रतिनिधि आरके हरदहा, विश्व प्रकृति निधि एवं अशासकीय संस्था कार्बेट फाउंडेशन के प्रतिनिधि जीनल, सहा. संचालक, हलोन एवं परिक्षेत्र अधिकारी परिक्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद वेटरनरी डॉ. संदीप अग्रवाल ने एनटीसीए के प्रोटोकॉल के मुताबिक मौके पर ही पीएम किया तो प्राथमिक दृष्टया में बाघ की करंट ...

कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ ने शावक मारा, फिर आधा खा गया

Image
सरही रेंज में हुई घटना, मॉनीटरिंग में लगा महकमा जबलपुर।  कान्हा टाईगर रिजर्व में बाघ-बाघिन के बीच में आए शावक को बाघ ने हमला करते हुए उसे मौत के घाट उतार दिया। बाघ शावक को बचाने के लिए बाघ और बाघिन के बीच जमकर संघर्ष हुआ। लेकिन बाघिन अपने शावक को नहीं बचा सकी। बाघों में संघर्ष की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी हाथी के माध्यम से मौके पर पहुंचे, लेकिन बाघों की खूंखारता के चलते हाथियों ने कदम पीछे ले लिया। बताय जा रहा है कि दोनों बाघ शव के पास ही विचरण कर रहे है, लिहाजा अभी तक वन विभाग के अधिकारी मृत बाघ शावक के शव को उठा नहीं सके हैं। बताया जाता है कान्हा टाईगर रिजर्व के सरही परिक्षेत्र के रौंदा बीट के पास बाघों के पंजे, खून के धब्बे व घसीटने के निशान को देखा गया। इसकी सूचना जैसे ही बीट गार्ड ने प्रबंधन के आला अधिकारियों को दी हडकम्प मच गया। मौके पर अधिकारियों ने देखा कि 13-14 माह की उम्र के बाघ शावक का आधा हिस्सा व्यस्क बाघ द्वारा खाया जा चुका है। घटना के बाद बाघ-बाघिन शावक के शव के आसपास बने हुए है। फील्ड डायरेक्टर जी. कृष्णमूर्ति ने बताया कि बाघ-बाघिन के बीच में संघर्ष क...

पौधारोपण के नाम पर शिवराज सरकार ने किया था बड़ा घोटाला, जल्द करूंगा खुलासा

Image
वन मंत्री उमंग सिंघार का दावा, विभागीय जांच रिपोर्ट को करा रहे हैं चेक वन विभाग के जबलपुर वृत्त के कार्यो की समीक्षा करने के लिए एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार से मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की वन विभाग को लेकर योजनाओं को लेकर चर्चा करने अवसर प्राप्त हुआ। सर्किट हाउस में भेंट के दौरान पत्रकार रघुनंदन शुक्ला के  शिवराज सरकार के द्वारा विशेष अभियान चलाकर नर्मदा किनारे 6 करोड़ पौधे लगाए जाने के सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह के  दावे की जल्द ही हकीकत सामने आने वाली हैं। पौधारोपण के नाम पर शिवराज सरकार ने यह सबसे बड़ा घोटाला किया था। अगर सच में पौधे लगाए गए होते तो दावे के अनुरूप शिवराज सरकार ने इसे गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में क्यों नही दर्ज कराया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर वे नर्मदा किनारे किए गए पौधारोपण के मामले में बड़ा खुलासा करेंगे। कराई गई है जांच तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा 2 जुलाई 2017 में नर्मदा नदी में हो रहे कटाव व कैचमेंट एरिया को संरिक्षत करने के उद्देश्य बताकर नदी के दोनो किनारों पर 6 करोड़ ...

जंगली सूअर का शिकार कर बाघिन दे रही शावकों शिकार की ट्रेनिंग

Image
हर्षित चौरसिया, जबलपुर। आपने इंसानों को ट्रेनिंग लेते हुए तो आम तौर पर सुना होगा, यहां तक हम पेट्स यानि डाग्स जैसे पशुओं के ट्रेनिंग के बारें में जानते हैं। लेकिन बाघों की ट्रेनिंग के बारे में आपने न सुना होगा ओर न देखा होगा। जी हां इन दिनों महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे हुए सिवनी जिले के जंगल में एक मादा बाघ अपने शावकों जंगली सूअर का शिकार कर ‘शिकार’ करने की ट्रेनिंग दे रही है। रात में चल रही इस ट्रेनिंग का साक्षात्कार जंगल के बीच से होकर गुजरने वाले रास्ते में रात्रि के समय कुछ राहगीरों को हुआ तो उनके पसीने छूट गए। हालांकि बाघ और उसके शावकों को देखने के उत्साह के बीच दहशतजदा राहगीरों ने वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए (हम इन वीडियो की पुष्टि नहीं करते) हैं।  दोनों की सुरक्षा हमारा दायित्व  इस संबंध में वन विभाग ओर पार्क के अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव (बाघ) और इंसान दोनों के बीच दूरी बनाने के साथ इनकी सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है। यह जब और कठिन हो जाती है जब बाघ शिकार और अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों में प...

वेटरनरी यूनिवर्सिटी पहुंचे पीएस ने गौ-वंश को खिलाई हरी घास

Image
फिर एग्जीवेशन हॉल में देखा कड़कनाथ और नर्मदा निधि की वैरायटी हर्षित चौरसिया, जबलपुर।  पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव कल अपने एक दिवसीय प्रवास पर जबलपुर पहुंचे थे। शहर में एक दिवसीय प्रवास में वे आधारताल स्थित नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी के डेयरी फार्म पर गए। यहां पर देशी नस्ल के गौ-वंश को उन्होंने पहले तो दुलारा बाद में हरी घास खिलाकर उनकी देखभाल में कोई कमी न हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।                          डेयरी फार्म को देखने के बाद वे वेटरनरी यूनिवर्सिटी की दूसरी इकाईयों के बारे में विवि के कुलपति डॉ. पीडी जुयाल से लंबी चर्चा की। इसके बाद विवि में बनाए गए एग्जीवेशन हॉल में डेयरी फार्म, वर्मी कंपोस्ट इकाई, पंचगव्य इकाई, पोल्ट्री फार्म, मस्त्य पालन इकाई एवं विस्तार विभाग द्वारा लगाई गई विभिन्न इकाईयों की आदि का अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान फिशरीज कॉलेज के डीन डॉ. एसके महाजन ने उन्हें मत्स्य पालन और रिसर्च वर्क ...

जंगल के ‘राजा’ वनराज की प्यास बुझाने के लिए तैयार हर 2 किलोमीटर में पानी के हौज

Image
 वॉटर फिलिंग मैनेजमेंट में जुटे टाइगर रिजर्व का पूरा बल हर्षित चौरसिया। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे पारे को देखते हुए टाइगर रिजवरे में जंगल के राजा वनराज सहित वन्यप्राणियों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग ने हर 2 किलोमीटर में पानी के हौज तैयार किए हैं। इन बड़े-बड़े हौज के साथ प्राकृतिक तालाबों में पानी का लेबल चेक करने के लिए पार्क के अधिकारियों ओर कर्मचारियों की टीमें 24  घंटे तैनात की गई है। जो कि इनमें पानी भरने का काम कर रही है। वन विभाग की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक कोई भी वन्यजीव की प्यास के चलते मौत होने का मामला सामने नहीं आया है।   टेंकरों से हो रही आपूर्ति, नए बोर खोदे गए बताया जाता है कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, संजय टाइगर रिजर्व में वॉटर फिलिंग मैनेजमेंट के लिए कोर, बफर जोन में पार्क प्रबंधन ने टैंकरों से पानी की सप्लाई करने की व्यवस्था बनाई है। इसके साथ ही पार्क में नए बोर भी खोदे गए है, जिससे मई के माह में पानी को लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामना न करना पड़े। क्या कहते हैं अधिकारी कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरे...

बेटी की शादी की पार्टी मनाने के चक्कर में मर गया बाघ

Image
सूअर को मारने के लिए फैलाया था जाल हर्षित चौरसिया, जबलपुर।  सतना के मझगवां वन रेंज की अमिरती बीट के डुडहा नाला (कम्पार्टमेंट नंबर- 810) में 12 मई की रात करंट से मृत तकरीबन 3 साल के नर बाघ की मौत खुलासा वन विभाग ने पुलिस की मदद से कर ही दिया। दरअसल बाघ के शिकार की वजह गांव में गजराज कोल के घर आई बेटी की बारात में सांभर - चीतल या फिर जंगली सुअर के मांस की दावत उड़ाना थी। सूअर के शिकार करने के इरादे से जंगल में शिकारियों ने तालाब के पा स करंट का जाल फैलाया था। आरोपियों ने यह सोचा ही नहीं था कि इस जाल में सूअर की जगह बाघ फंस जाएगा ओर उसकी मौत हो जाएगी।  घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में है। वहीं बाघ के करंट लगाकर शिकार ओर मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने भोपाल से आला अधिकारियों को टीम को जांच के लिए सतना भेजा है। टीम ने सतना पहुंचकर मौके का मुआयना करने के बाद वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए इसके लिए दिशा-निर्देश दिए।  टीम के पहुंचने के बाद अटकलें लगाई जा रही  कि वन विभाग के दो से तीन कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। घर...