1365 करोड़ से होगा बिगड़े बाँस वनों का सुधार
संरक्षण की कवायद में लगी प्रदेश सरकार की योजना से 1.5 हजार वनवासी परिवारों को होगा लाभ
जबलपुर। मध्य प्रदेश में बिगड़े हुए बांस के वनों के सुधार और सरंक्षण के लिए राज्य सरकार ने योजना तैयार कर 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले वनों को सुधारने के लिए 1365 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई है। संरक्षण की कवायद में राज्य सरकार की इस महती योजना से डेढ़ हजार वनवासी परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों ने अपना प्लान तैयार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि वनवासी समुदाय की आजीविका में वन उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है।बताया जा रहा है कि शासन ने वनवासियों की आजीविका को सुरक्षित आर्थिक आधार प्रदान करने के लिये बिगड़े बांस वनों के सुधार एवं संरक्षण की योजना के माध्यम से उपकृत करने का प्लान बनाया है। योजना से शुरू के 4 सालों में लगभग डेढ़ हजार वनवासी परिवार लाभान्वित होंगे।
वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन चितरंजन त्यागी ने बताया कि इस योजना से वनवासियों को स्थाई आजीविका का साधन मिलेगा। साथ ही, वन संरक्षण भी होगा। योजना में 5 वें वर्ष से बांस का विदोहन किया जाएगा। विदोहन से प्राप्त बाँस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा।
50 हजार हेक्टेयर में रोपण किया जाएगा
जानकारी के अनुसार पूर्व से बाँस वनों से आच्छादित रहे क्षेत्रों के 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में भी बाँस रोपण किया जाएगा। बाँस रोपण के आठवें वर्ष में बाँस विदोहन से प्राप्त बांस संयुक्त वन समिति के हितग्राहियों को दिया जाएगा।प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा है वन समितियां
प्रदेश में 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है, जो प्रदेश का 30.72 प्रतिशत भू-भाग है। वन प्रबंधन में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये प्रदेश में 15 हजार 608 संयुक्त वन प्रबंधन समितियां गठित हैं। प्रदेश के 66 हजार 874 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का प्रबंधन करने में स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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