कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन बाघ की मौत
करंट लगने से हुई मौत की पड़ताल में जुटा महकमा

जबलपुर। कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में शिकारियों की घुसपैठ के चलते एक बाघ ने दम तोड़ दिया। बफर जोन में हुई इस घटना की खबर लगते ही वन विभाग में हडकम्प मच गया।
बताया जाता है कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मोतीनाला बफर जोन के मंगली बीट कक्ष क्रमांक 190, टिकराझोड़ी में शाम को गश्ती के दौरान गंध आने पर गश्तीदल ने क्षेत्र में सर्चिग की। सर्चिग के दौरान टीम ने बाघ का करकश देखा। इस पर रिजर्व के गश्ती दल ने पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर अंजना सूचिता तिर्की, वेटरनरी डॉक्टर डॉ. संदीप अग्रवाल, एनटीसीए के प्रतिनिधि आरके हरदहा, विश्व प्रकृति निधि एवं अशासकीय संस्था कार्बेट फाउंडेशन के प्रतिनिधि जीनल, सहा. संचालक, हलोन एवं परिक्षेत्र अधिकारी परिक्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद वेटरनरी डॉ. संदीप अग्रवाल ने एनटीसीए के प्रोटोकॉल के मुताबिक मौके पर ही पीएम किया तो प्राथमिक दृष्टया में बाघ की करंट से मौत होना पाया गया है। मामला शिकार का सामने आते ही प्रबंधन ने शिकारियों की सर्चिग के लिए टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी है।
Comments
Post a Comment