प्रदेश में 5 माह में 5 बाघों की मौत
जांच रिपोर्ट आना बाकी
मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में वन्य प्राणियों की रक्षा खासकर से बाघ का कुनबा बढ़ाने के साथ कूनो पालनपुर में एशियाईटिक शेर लाने की कवायद में जुटा हुआ है। वहीं प्रदेश में जनवरी से लेकर अब तक 5 माह में 5 बाघों की मौत हो गई। प्रदेश के चर्चित बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 5 में से 2 बाघों की मौत केवल 10 दिनों में हो गई। प्रदेश में पेंच, पन्ना व कटनी वन क्षेत्र तीन बाघों की असमय मौत से वन्यप्राणियों के रखवालों की देखरेख पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। वन्यप्राणियों के विशेषज्ञों का कहना है कि जब हम अपने घर में रह रहे बाघों को सुरक्षित नहीं रह पा रहे तो बाहर से ला रहे अतिथि शेरों की जान माल की सुरक्षा की क्या गारंटी है। अब इस बात पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है कि बाघ की पूर्णत: सुरक्षा और आने वाले शेरों की देखभाल के लिए अधिकारियों पर जवाब देही तय की जाए। ताकि मूक वन्यप्राणी किसी की खामी का शिकार न बन सके।एनटीसीए की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश जनवरी से लेकर अब तक 5 माह में 5 बाघों की मौत हो गई। इनमें तीन बाघों की मौत की जांच की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। वहीं अन्य दो बाघों की मौत के कारण आपसी संघर्ष से होना बताई गई है। गौरतलब है कि पिछले साल प्रदेश में 13 बाघों व देश में 71 बाघों की मौतें हुई थी। इन मौतों को गंभीरता से लेते हुए एनटीसीए बाघों की सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए थे।
बाघों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली में बैठक
जानकारी के मुताबिक देश में जनवरी से लेकर अब तक 37 बाघों की मौत हो चुकी है। बाघों की सुरक्षा को लेकर 27 मई को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने देश के सभी नेशनल पार्को के फील्ड डायरेक्टरों की एक दो दिवसीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में पिछले 5 माह में हुई बाघों की मौत को लेकर अधिकारियों से जानकारी तलब की जाएगी। साथ ही वर्तमान में पार्क में सुरक्षा के क्या इंतजाम है को लेकर चर्चा की जाना है।
फैक्ट फाइल--
2 फरवरी पन्ना नेशनल पार्क 1
25 फरवरी कटनी वन क्षेत्र 1
22 अप्रैल पेंच नेशनल पार्क 1
12 मई बांधवगढ़ नेशनल पार्क 1
19 मई बांधवगढ़ नेशनल पार्क 1
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