सारस के अंडे व बच्चों को सुरक्षित करने पर मिलेगा मानदेय

 प्रदेश में विलुप्त हो रही सारस पक्षी की प्रजाति को बचाने के लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया ने एक नई योजना बनाई गई है।  ‘‘सारस मित्र योजना’’ के नाम से  बनाई गई इस योजना को सबसे पहले राजधानी के गोरागांव व बिसनखेढ़ी (जो बड़े तालाब से लगे हुए है) में शुरू किया गया है। योजना के सकारात्मक परिणाम आने के बाद इसे प्रदेश के अन्य जिलों में शुरू कर दिया जाएगा।
हाल ही में भोपाल बर्ड आर्गनाइजेशन द्वारा किए गए सव्रे की आंतरिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि प्रदेश के सारस की संख्या 40 फीसदी ही बची है। इसके बाद सारस को बचाने के लिए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया ने ‘‘सारस मित्र योजना ’’ के नाम से एक योजना बनाई। प्रदेश में इस योजना को भोपाल बर्ड आर्गनाइजेशन द्वारा संचालित किया जाएगा। इसके तहत हर गांव में 5 लोगों को सारस मित्र बनाया जाएगा। ये सारस मित्र अपने गांव व आसपास में विचरण कर रहे सारस, इनके अंडे व बच्चों को संरक्षित करेंगे साथ ही इनका पूरा डाटा भी रखेंगे। इसके तहत इन्हें हर माह मानदेय दिया जाएगा। एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर प्रोत्साहन के तौर पर एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
भोपाल बर्ड आर्गनाइजेशन व प्रोजेक्ट हेड डॉ. संगीता राजगीर कहती है  प्रदेश में लगातार कम हो रहे सारस को बचाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरूआत की गई है। योजना के अगले चरण के लिए अन्य जिलों में सव्रे कराया जा चुका है। इस योजना के तहत सारस को संरक्षित करने में काफी मदद मिलेगी।

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