प्रदेश के बाघों का होगा हेल्थ चेकअप
बीमारी से बचाने वन्यप्राणी विशेषज्ञों ने बनाया प्रोजेक्ट
प्रदेश के बाघों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए अब उनका हेल्थ चेकअप किया जाएगा। इंसानों की तरह वन्यप्राणियों में होने वाली गंभीर व सामान्य बीमारियों से बचाने के लिए वन्यप्राणी विशेषज्ञों ने ऐसा ही एक बाघों की सेहत को जांचने के लिए एक प्रोजेक्ट बनाया है। इसके तहत रेस्क्यू किए जाने वाले बाघों का पूरा हेल्थ चेकअप किया जाएगा। प्रोजेक्ट के हेड व फांरेसिक लैब के डीन डॉ. एबी श्रीवास्तव ने कहते है प्रदेशभर में 10 नेशनल पार्क, 25 अभयारण्यों और तीन चिड़ियाघरों में विचरण कर रहे बाघों का हेल्थ चेकअप करना किसी चुनौती से कम नहीं है। लेकिन बीमारी के चलते मौत की भेंट चढ़ रहे बाघों को बचाने के लिए यह हेल्थ चेकअप कारगर होगा। प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में कहीं भी रेस्क्यू किए जाने के दौरान बाघ का पूरा हेल्थ चेकअप किया जाएगा। इससे क्षेत्र में विचरण कर रहे बाघों में कोई भी संक्रमण जैसी बीमारी को डायग्नोस कर इन्हें मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता है। बाघों का टेस्ट अत्याधुनिक मशीनों से किया जाएगा। प्रदेशभर के बाघों के लिए किए जाने वाले हेल्थ चेकअप प्रोजेक्ट को अनुमति के लिए शासन के पास भेजा गया है। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। अनुमति मिलते ही प्रोजेक्ट के तहत हेल्थ चेकअप शुरू कर दिया जाएगा।
Comments
Post a Comment