घडियालों के पैसे पर डाल्फिन का संरक्षण
प्रदेश में लगातार खत्म होती जा रही दुलर्भ प्रजाति की डाल्फिन पर हर्षित चौरसिया की एक रिपोर्ट चंबल नदी में पाई जाने वाली दुलर्भ प्रजाति की डाल्फिन (फ्रेश वॉटर रिवर डाल्फिन, सूस व वैज्ञानिक नाम प्लेटिनिक्टा) की संख्या साल दर साल घटती जा रही है। 5 अक्टूबर 2009 में राष्ट्रीय जल जीव घोषित
दुलर्भ डाल्फिन के संरक्षण के लिए केंद्र द्वारा अलग से कोई राशि नहीं दी
जा रही है। सूत्रों की मानें तो वन विभाग घडियालों के लिए आने वाली राशि
में से ही डाल्फिन का संरक्षण किया जा रहा है।प्रदेश में एक मात्र अभयारण्य चंबल के पास से गुजरने वाली नदी में पाई जाने वाली डाल्फिन को प्रदेश में पहली बार सन 1984 में देखा गया था। इसके 12 साल बाद 1996 में आईसीयूसीएम की रेड डाटा बुक में वन्यजीवों की दुर्लभ प्रजातियों में संभावित स्थिति संकट ग्रस्त स्थिति में डाल्फिन को शामिल किया गया, जिसके बाद इसके संरक्षण के प्रयास शुरू किए गए। जानकारी मुताबिक 7 जुलाई 1997 में डब्ल्यडब्ल्यडब्ल्यू एफ ने दिल्ली में एक बैठक में 9 लोगों की इंडियन रिवर्र डाल्फिन कमेटी बनाई गई। डब्ल्यडब्ल्यडब्ल्यू एफ के तत्कालीन डॉयरेक्टर समर सिंग ने पूरे देश की नदियो में डाल्फिन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए बनाई गई कमेटी द्वारा सव्रे कराया। सव्रे में गंगा, यमुना, चंबल, सोन, केन, बेतवा में डाल्फिन का होना पाया गया।
मीठे पानी की डॉल्फिन की दो प्रजातियां हैं। ये भारत, बांग्लादेश, नेपाल तथा पाकिस्तान में पाई जाती हैं। देश में फ्रेश वॉटर रिवर डाल्फिन गंगा, सिंध, यमुना, चंबल, ब्रम्हापुत्र, घाघरा व इनकी सहायक नदियों में पाई जाती है।
अंधी होती है डॉल्फिन : पानी में पाई जाने वाली डॉल्फिन अंधी होती है। यह अपने क्रियाकलापों को समझने के लिए चमगादड की तरह ईको लोकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इसके 130 दांत होते है। सितेसिया ग्रुप की एक मात्र सदस्य वर्ग ममेलिया में आती है। यह बच्चे देती है मेमल होने के कारण यह पानी में ऊपर सांस लेने के दौरान सू की आवाज निकालती है, जिसके कारण इसका हिन्दी नाम सूस पड़ गया। सूस 10-12 में पूर्णत: व्यस्क हो जाती है। मादा की लंबाई 2.70 मीटर, नर की लंबाई 2.12 मीटर व जन्म के समय बच्चे की लंबाई 70 मीटर।
कब कितनी कम हुई डॉल्फिन
2008-86
2009-84
2010-69
2011-65
2012-56
1980 में पूरे देश में 5000 और 2012 में 1500 डाल्फिन
प्रदेश में सन 1984 में देखी गई थी पहली डाल्फिन
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