पन्ना के बाघों को चाहिए और बाघिनें

जबलपुर।  प्रदेश के पन्ना नेशनल पार्क में बाघ पुर्नवास योजना के तहत कान्हा, बांधवगढ़ से लाई गई मादा बाघ (बाघिन) और पेंच से लाए गए नर बाघ  का कुनबा बढ़कर आज 17 के पार हो गया है। लगातार बढ़ रहे इस कुनबे से एक ओर जहां वन विभाग के अधिकारी खुश है तो वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट कुनबे में नर और मादा बाघ के अनुपात गड़बड़ा जाने को लेकर चिंता का विषय बता रहे हैं।
पन्ना नेशनल पार्क में वर्तमान में 10 नर बाघ और 6 मादा बाघ है। वाइल्ड एक्सपर्ट की मानें तो एक बाघ कम से कम दो बाघिनों के साथ ब्रीडिंग करता है इस दौरान सभी बाघ-बाघिनें अपनी होम टेरेटरी बनाने में लगे रहते है। इनका अनुपात गड़बड़ाने से पार्क बाघों के संघर्ष की घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
 लंबे समय से गड़बड़ाए बाघों के अनुपात को सुधारनें के लिए पार्क प्रबंधन और वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने पार्क में अन्य नेशनल पार्को से बाघिन लाने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रस्ताव को नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेजा जाना है। यहां से अनुमति मिलने के बाद यहां पर एक या इससे अधिक बाघिनों को लाया जा सकता है।

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