अब केंद्र की अनुमति में अटके शेर
मध्यप्रदेश के पालनपुर कूनो में गुजरात के गिर नेशनल पार्क से आने वाले शेरों के लिए सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी तो मिल गई, लेकिन अब केंद्र की अनुमति न मिलने से इनकी शिफ्टिंग अटक गई है। कोर्ट के फैसले के तीन माह बाद भी शिफ्टिंग न हो पाना अब प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। जानकारी मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले मध्यप्रदेश सरकार को 6 माह के अंदर गिर से शेर लाए जाने के लिए कहा था। इसके बाद इंडियन बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (आईबीडब्ल्यू) द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों द्वारा इन्हें मध्यप्रदेश लाने की योजना बनाई जानी थी, जिसके तहत 400 शेरों में से मध्यप्रदेश लाए जाने वाले शेरों का चयन किया जाना था। लेकिन अब तक कमेटी ने प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में कोई चर्चा भी नहीं की है। प्रदेश के वन अधिकारियों की एक टीम पीसीसीएफ के नेतृत्व में अगले हफ्ते आईबीडब्ल्यू के अधिकारियों से चर्चा करने जाएगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को अपना फैसला सुनाया था, जिसके बाद से उत्साहित प्रदेश के वन विभाग ने इनकी आगवानी के लिए कूनों अभयारण्य में कोई कमी नहीं छोड़ी।
वहीं इस संबंध में चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन नरेन्द्र कुमार का कहना है कि आईबीडब्ल्यू द्वारा इस संबंध में अब तक कोई चर्चा नहीं की गई है। जो कि हमारे लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। इस मामले को लेकर संभवत: अगले हफ्ते प्रदेश के अधिकारियों की एक टीम दिल्ली जाएगी। हमारा प्रयास जल्द से जल्द शेरों की शिफ्टिंग का है, लेकिन केंद्र की अनुमति के बिना यह संभव नहीं है।
Comments
Post a Comment