कान्हा में करंट लगाकर मारा बाघ को, फिर काटे पंजे


3 दिन बाद 6 शिकारी अध जले पंजों सहित गिरफ्तार

हर्षित चौरसिया जबलपुर
बाघों के लिये प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में पहले बाघ का शिकार फिर उसके बाद अंगों को काटकर ले जाने का मामला सामने आने से पूरे वन विभाग के अफसरों की नींद उड़ा दी है। शिकारियों को दबोचने के लिये वन अमले से लेकर पुलिस और डॉग स्कावड की टीम गांव-गांव सर्चिग में जुटी हुई है।
बताया जाता है कि यह घटना कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन के खटिया रेंज के ग्राम मानेगांव की है, जहां पर कल शाम की गश्ती के दौरान वन कर्मियों को एक बाघ का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ मिला। बाघ के शिकार होने की खबर तत्काल पार्क प्रबंधन के अधिकारियों को दी गई। सूचना के बाद मौके पर वेटरनरी डॉक्टरों और वाइल्ड लाइफ एक्सपर्टस के साथ मौके की सर्चिग की गई, तो बाघ के चारों पंजे और पेट की खाल गायब थी। ये देखते ही अधिकारियों को यह समझने में देर नहीं लगी कि यह मामला शिकार का है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी अब तक किसी प्रकार का कोई सुराग वन विभाग को अपने मुखबिर से मिली सूचना के बाद घटना स्थल क्षेत्र मानेगांव में एक संदिग्ध को उसके घर से वन विभाग ने दबोचा, देर रात से लेकर तड़के तक 5 साथियों के साथ बाघ के अध जले पंजे बरामद कर लिये गये। इस पूरे अपराध में शामिल आरोपियों को विभागीय कार्यवाही के बाद कोर्ट में पेश किया गया। मामले का पटाक्षेप होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

ये थी प्लानिंग

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी देवी सिंह और उसके साथियों ने पहले बाघ को करंट लगाकर मारने और फिर उसके अंगों की तस्करी पैसों को लेकर किये जाने की बात बताई। पंजों को आधे में जलने के बाद उन लोगों ने इसे रेत में दबा दिया था।

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