‘काली’ भैंस ने जन्मा ‘सफेद’ पड़ा..!
हर्षित चौरसिया, जबलपुर
आम तौर पर भैंस का रंग काला ही देखा गया है इसमें कम काला या हल्का भूरा जरुर देखने मिल जाता है, लेकिन जबलपुर के रांझी क्षेत्र में एक पशुपालक के घर भैंस ने सफेद रंग के पड़े को जन्म दिया है। पूरी तरह सफेद पड़े को देख कर हर कोई हैरान नजर आ रहा है। इसकी सूचना लगते ही पड़े के रंग को लेकर नानाजी देश मुख पशु चिकित्सा विज्ञान विवि के वैज्ञानिकों की टीम पालक के घर जानकारी लेने के लिये पहुंची।
वेटरनर विवि के कुलपति डॉ. प्रयाग दत्त जुयाल कहते है कि इस तरह के केस बहुत कम देखने को मिलते हैं। जन्म लेने वाले पशु में ऐसा डी-न्यूटेशन ऑफ जींस के कारण होता है। इसमें पशु का कलर, बाल एवं आंखों का कलर बदल जाता है। यह हमारे लिये अनुसंधान का विषय है। इसके लिए हमने तीन सदस्यीय वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम तैयार कर दी है, जिसमें डॉ मोहन सिंह, डा. केपी सिंह, डॉ काजल जाधव शामिल हैं। ये टीम जल्द ही अपना काम शुरू कर देगी।
आम तौर पर भैंस का रंग काला ही देखा गया है इसमें कम काला या हल्का भूरा जरुर देखने मिल जाता है, लेकिन जबलपुर के रांझी क्षेत्र में एक पशुपालक के घर भैंस ने सफेद रंग के पड़े को जन्म दिया है। पूरी तरह सफेद पड़े को देख कर हर कोई हैरान नजर आ रहा है। इसकी सूचना लगते ही पड़े के रंग को लेकर नानाजी देश मुख पशु चिकित्सा विज्ञान विवि के वैज्ञानिकों की टीम पालक के घर जानकारी लेने के लिये पहुंची।
तीन दिन पहले जन्मा
आयुध निर्माणी खमरिया के श्रमिक नेता एवं पशुपालक अरुण दुबे ने बताया कि उनकी भैंस ने यह पड़ा दिन तीन दिन पहले जन्मा है। पड़े के शरीर का पूरा रंग सफेद है यह उसका पहला बच्च है। भैंस की ब्रीडिंग देशी काले भैंसा से कराई गई थी, भैंस की उम्र 5 वर्ष है और वह भी स्वस्थ है।वेटरनर विवि के कुलपति डॉ. प्रयाग दत्त जुयाल कहते है कि इस तरह के केस बहुत कम देखने को मिलते हैं। जन्म लेने वाले पशु में ऐसा डी-न्यूटेशन ऑफ जींस के कारण होता है। इसमें पशु का कलर, बाल एवं आंखों का कलर बदल जाता है। यह हमारे लिये अनुसंधान का विषय है। इसके लिए हमने तीन सदस्यीय वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम तैयार कर दी है, जिसमें डॉ मोहन सिंह, डा. केपी सिंह, डॉ काजल जाधव शामिल हैं। ये टीम जल्द ही अपना काम शुरू कर देगी।
Comments
Post a Comment