जबलपुर में बनेगा टाइगर का क्लोन
हर्षित चौरसिया, जबलपुरवेटरनरी यूनिवर्सिटी ने शुरू की कवायद
भारत में बाघों की घटती संख्या के मद्देनजर जंगल के राजा की इस प्रजाति को बचाने पशु वैज्ञानिकों ने अब इसका क्लोन बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। प्रदेश की नानाजी देशमुख वेटरनरी युनिवर्सिटी जल्द ही ‘मिशन टाइगर क्लोन’ के लिए तकनीक व रिसर्च का आदान-प्रदान करने देश के सबसे बड़े संस्थान वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया देहरादून के साथ ‘एमओयू’ करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में विशेषज्ञों के बीच अब तक हुई बैठकों में सकारात्मक संकेत मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरु होने वाला है।कैसे बनता है..
किसी भी पशु का क्लोन तैयार करने के लिए वैज्ञानिक उस नस्ल के पशु के सोमेटिक सेल न्यूक्लियर निकालकर उसे फर्टीलाइज कराने की प्रक्रिया के बाद उससे भ्रूण तैयार कर सकते हैं। यदि इसे सुरक्षित रखा जाए, तो भविष्य में उक्त जीव की प्रतिरूपत पैदा किया जा सकता है।लाभ क्या होगा..
क्लोन से तैयार जीव में उन सभी गुणों का समावेश होता है, जिससे क्लोन के लिये कोशिकाएं ली गई हो। यह नस्ल को सुरक्षित रखने के लिये सबसे उन्नत तरीका भी माना जाता है।और अब तक जो हुआ है
हेड क्लोनिंग प्रक्रिया का प्रयोग कर टाइगर जैसे वन्यजीव का क्लोन बनाने पर काम शुरू करने जा रहे हैं। यदि हमारे वैज्ञानिकों की रिसर्च और तकनीक के परिणाम सार्थक हुये तो यह वाइल्ड लाइफ रिसर्च और वेटरनरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि होगी।
डॉ. प्रयाग दत्त जुयाल, कुलपति वेटरनरी विवि, जबलपुर
Comments
Post a Comment