कर्नाटक के हाथियों का पहला पड़ाव बांधवगढ़
हर्षित चौरसिया, भोपाल
प्रदेश में कर्नाटक से लाए जाने वाले हाथियों को लेकर वन विभाग इन दिनों जोर-शोर से पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। हाथियों को कर्नाटक से जाए जाने को लेकर टेंडर निकाले जा चुके हैं। विभाग अनुमति मिलते ही ट्रांसपोर्टर व विभाग के अधिकारी कर्नाटक रवाना हो जाएंगे। कर्नाटक से आ रहे हाथियों का पहला पड़ाव बांधवगढ़ नेशनल पार्क होगा। यही से इन अतिथि हाथियों को अन्य नेशनल पार्क में भेजने की योजना बनाई जाएगी। हालांकि अभी योजना पर विचार चल रहा है कि आने वाले हाथियों को बिना किसी परेशानी के नेशनल पार्कों में पहुंचा दिया जाए। ये हाथी करीब 7 बड़े ट्रालों में आएंगे। एक ट्राले में दो हाथियों को रखने की व्यवस्था है। इनके साथ इनका खाना व देखरेख के लिए स्टाफ भी साथ-साथ चलेगा। जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के सिमोधा, नगरहोल व बांदीपुर नेशनल पार्क से वन विभाग पहले चरण में 11 हाथी लाएगा। दूसरे चरण में 14 हाथी लाए जाएंगे। हाथियों को कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा नेशनल पार्क में रखा जाएगा। जहां ये हाथी बारिश के दौरान गश्त और आम दिनों में पर्यटन सफारी के काम आएंगे। बारिश में कान्हा और बांधवगढ़ के वन अमले को गश्त में परेशानी होती है। वहीं सतपुड़ा नेशनल पार्क में सिर्फ हाथियों से ही गश्त की सकती है।
वन विहार में भी आने थे चार हाथी: प्राप्त जानकारी के मुताबिक वन विहार नेशनल पार्क में भी पर्यटकों की चाहत को लेकर पार्क में हाथियों को लाने की योजना बनाई गई थी, जिसके चलते प्रदेश के वनमंत्री विभागीय अधिकारियों के साथ कर्नाटक के दौरे पर जा चुके हैं। इस योजना के तहत पार्क में चार हाथियों को रखे जाने था। लेकिन नियमों के चलते फिलहाल ये सारी योजनाएं ठंडे बस्ते में है।
हर्षित चौरसिया, भोपाल
प्रदेश में कर्नाटक से लाए जाने वाले हाथियों को लेकर वन विभाग इन दिनों जोर-शोर से पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। हाथियों को कर्नाटक से जाए जाने को लेकर टेंडर निकाले जा चुके हैं। विभाग अनुमति मिलते ही ट्रांसपोर्टर व विभाग के अधिकारी कर्नाटक रवाना हो जाएंगे। कर्नाटक से आ रहे हाथियों का पहला पड़ाव बांधवगढ़ नेशनल पार्क होगा। यही से इन अतिथि हाथियों को अन्य नेशनल पार्क में भेजने की योजना बनाई जाएगी। हालांकि अभी योजना पर विचार चल रहा है कि आने वाले हाथियों को बिना किसी परेशानी के नेशनल पार्कों में पहुंचा दिया जाए। ये हाथी करीब 7 बड़े ट्रालों में आएंगे। एक ट्राले में दो हाथियों को रखने की व्यवस्था है। इनके साथ इनका खाना व देखरेख के लिए स्टाफ भी साथ-साथ चलेगा। जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के सिमोधा, नगरहोल व बांदीपुर नेशनल पार्क से वन विभाग पहले चरण में 11 हाथी लाएगा। दूसरे चरण में 14 हाथी लाए जाएंगे। हाथियों को कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा नेशनल पार्क में रखा जाएगा। जहां ये हाथी बारिश के दौरान गश्त और आम दिनों में पर्यटन सफारी के काम आएंगे। बारिश में कान्हा और बांधवगढ़ के वन अमले को गश्त में परेशानी होती है। वहीं सतपुड़ा नेशनल पार्क में सिर्फ हाथियों से ही गश्त की सकती है।
1400 किमी का सफर तय करेंगे
1400 लाए जाने वाले हाथी कर्नाटक से मप्र आने तक करीब 1400 किमी का सफर तय करेंगे।वन विहार में भी आने थे चार हाथी: प्राप्त जानकारी के मुताबिक वन विहार नेशनल पार्क में भी पर्यटकों की चाहत को लेकर पार्क में हाथियों को लाने की योजना बनाई गई थी, जिसके चलते प्रदेश के वनमंत्री विभागीय अधिकारियों के साथ कर्नाटक के दौरे पर जा चुके हैं। इस योजना के तहत पार्क में चार हाथियों को रखे जाने था। लेकिन नियमों के चलते फिलहाल ये सारी योजनाएं ठंडे बस्ते में है।

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