बांधवगढ़ में बाघों के बीच आपसी संघर्ष !, एक बाघ की मौत


जबलपुर वेटरनरी यूनिवर्सिटी से पहुंची एक्सपर्ट की टीम

जबलपुर। प्रदेश के सबसे चर्चित नेशनल पार्क बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों के आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत हो गई। मृत बाघ का शव गश्ती कर रही वन विभाग की टीम को जब मिला, तो हडकम्प मच गया। मौके से ही टाइगर रिजर्व के उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर सर्चिंग कराई गई।
बताया जाता है बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पतौर कोर परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक पी-210 में पेट्रोलिंग के दौरान वन विभाग की टीम को नर बाघ का शव मिला। उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व सहित अधिकारियों व वेटरनरी डॉक्टरों व  एनटीसीए के प्रतिनिधि सी एम खरे तत्काल मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वाड एवं मैटल डिटेक्टर से क्षेत्र के आस पास सर्च कराई गई। इस दौरान थोड़ी दूर (लगभग 500 मी.) एक नर बाघ, एक मादा बाघ एवं दो बच्चे की मौजूदगी देखी गई। पार्क के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि घटना पतौर परिक्षेत्र के बमेरा ग्राम के पास की है तथा उक्त क्षेत्र नर, मादा बाघ एवं शावकों की उपस्थिति है। सभी ग्रामीणों को घटना स्थल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। घटना स्थल पर उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया नर बाघ का बाघों के आपसी संघर्ष में मारा जाना प्रतीत होता है।
घटना के बाद जबलपुर से नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट पहुंचे।  बांधवगढ़ सहायक वन्य जीव शल्यज्ञ एवं जबलपुर के डॉक्टर की संयुक्त टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। फारेंसिंक जॉच के लिए नमून सुरक्षित किये गये। सक्षम अधिकारियों एनटीसीए के प्रतिनिधि एन जी ओ एवं पार्क अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ के शव को जलाकर नष्ट किया गया। मृत नर बाघ की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष है। मृत बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं।

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