अब पारधियों के फंदे से पकड़ेंगे नीलगाय

 प्रदेश में पहली बार वन विभाग करेगा ट्रायल

नीलगाय के बधियांकरण को लेकर की जा रही वन विभाग की सारी कवायद फेल हो जाने के बाद वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ ने नया प्लान बनाया है

 प्रदेश में नीलगाय को पकड़ने के लिए अब पारधियों की मदद ली जाएगी। शिकार में माहिर कहे जाने वाले पारधियों के फंदे बनाने की टेक्नीक के साथ नीलगाय को पकड़ने के लिए पहली बार वन विभाग इसकी ट्रायल करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। यह पहला मौका होगा जब पारधियों की स्किल को वन विभाग अपनाने जा रहा है।

पीसीसीएफ ने बनाया प्लान

किसानों के साथ वन विभाग के लिए परेशानी का सबब बन चुकी नीलगाय को ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने देशभर के विशेषज्ञों से संपर्क किया, लेकिन सारी कवायद तब फेल हो गई जब प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी ( पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ) ने पारधियों के शिकार किए जाने वाली फंदे बनाने की टेक्नीक पर फोकस करते हुए प्लान बनाया कि अब इन्हें नीलगाय ट्रैकिंग में साथ लेना चाहिए। इसके बाद पूरा प्लान तैयार कर लिया गया।

उज्जैन से हो सकती है शुरूआत

प्लानिंग के मुताबिक 9 अप्रैल को उज्जैन जिले से नीलगाय को पारधियों की फंदा टेक्नीक के जरिए ट्रैकिंग करने का प्रदेश में पहला ट्रायल शुरू हो सकता है। इसके लिए प्रदेशभर के सबसे माहिर पारधियों को बुलाया गया है। ट्रैकिंग प्लान के पहले पीसीसीएफ के साथ बैठक होगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई।

इन जिलों से बुलाए गये पारधी

नीलगाय ट्रैकिंग प्लान के लिये भोपाल, रायसेन, पन्ना सहित अन्य जिलों से पारधियों को बुलाया गया है। उज्जैन में होने वाली ट्रायल के पहले पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के साथ इनकी बैठक हो चुकी है। लिहाजा पहली ट्रायल होना फायनल माना जा रहा है।

क्या कहते है पीसीसीए




प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक जितेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि यह प्रदेश में पहली बार हम पारधियों की स्किल को अपनाते हुए नीलगाय को पकड़ने का प्रयोग करने जा रहे हैं। इसके लिए हमने उज्जैन जिले को सिलेक्ट किया है। उम्मीद है यह प्रयोग सफल होगा।

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