रक्षा मंत्रलय : ओएफके अब लांग लीव के शौकीनों को परमानेंट बैठाएगा घर में

जबलपुर से रघुनंदन शुक्ला की रिपोर्ट

गोला-बारूद बनाना छोड़ लांग लीव के शौकीन कर्मचारियों को जल्द ही परमानेंट घर बैठाने की तैयारी कर ली गई है। रक्षा मंत्रलय से मिले सख्त निर्देशों के बाद ऑर्डिनेंस फैक्टरी खमरिया (ओएफके) प्रशासन ने एक सूची तैयार की है। जिसमें एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है। लिस्ट का प्रकाशन संभवत: 10 जनवरी तक कर दिया जाएगा। जिन्हें फरवरी माह में बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
12 जनवरी से होगी शुरूआत, 10 को लिस्ट होगी फायनल
जानकारी के मुताबिक ऑर्डिनेंस फैक्टरियों में टारगेट बेस काम कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक कसावट लायी जा रही है। वहीं निर्माणी के अनफिट और लांग लीव लेने वाले तमाम ऐसे कर्मचारी जो फैक्टरी से ज्यादा समय घर पर बिताते हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा रही है। इसकी शुरूआत ए-3 में पदस्थ वीरेंद्र तिवारी नामक कर्मचारी से कर दी गई है। 12 जनवरी को उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। वहीं 10 जनवरी को तक नई लिस्ट को भी फाइनल कर लिया जाएगा। ओएफके का विजलेंस विभाग इस कार्य में तेजी से लगा हुआ है। इस सूची में मुख्य रूप से बीमारी का हवाला देकर अक्सर छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
निर्माणी के कई ऐसे कर्मचारियों को विजिलेंस ने चिन्हित किया है जिनकी छुट्टियां कार्यदिवस से ज्यादा हो गई हैं। वहीं कुछ कर्मचारी तो बीते तीन से चार साल से लगातार गायब हैं। उनके संबंध में सूचना समाचार पत्रों में जारी किए जाने के बाद भी वे वापस काम नहीं आए।

नशेड़ी, बार-बार निलंबित होने वाले भी निशाने पर

ओएफके में कई बार कर्मचारियों के पास से गांजा बरामद किए जाने के प्रकरण प्रकाश में आते रहे हैं। बार-बार हिदायत व निलबंन की कार्रवाई के बाद भी कर्मचारियों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। इसी प्रकार काम के समय पर जुआं खेलने वाले कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है। विजिलेंस ने उक्त कर्मचारियों को चिन्हित करने के साथ ही साथ नशेड़ी कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट भी तैयार की है। जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि नशे की लत के कारण उनका शरीर कार्य करने लायक नहीं रह गया है।

Comments

Popular posts from this blog

बाघों के गढ़ खोजी जा रही तितलियों की प्रजातियां

बाघ शावकों की सुरक्षा के लिए धारा 144

तीन रूप में दर्शन देती हैं माता हरसिद्धि