अब जंगल के राजा की होगी ‘स्मार्ट’ प्रोफाइल
बाघों के सरंक्षण के लिये एनटीसीए ने बनाई नई योजना
हर्षित चौरसिया, जबलपुरइंसानों की तरह अब बाघों की भी स्मार्ट प्रोफाइल तैयार की जाएगी। देश में बाघों के संरक्षण और सुरक्षा की दिशा में काम कर रहे एनटीसीए ने इसके लिये मसौदा तैयार कर लिया है। जल्द ही इस योजना पर काम करने संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे। बाघ की स्मार्ट प्रोफाइल एक बार तैयार किये जाने के बाद उस बाघ के जन्म, उसकी संतानों की जानकारी, बीमारी, उसके द्वारा मानवों पर हमले, उसके व्यवहार सहित वर्तमान तक की स्थिति के बारे में जानकारी दर्ज होगी। देश के सभी नेशनल पार्कों, अभयारण्यों और वनों में विचरण कर रहे बाघों की प्रोफाइल वन विभाग के अफसर आॅनलाइन कहीं भी देखकर उनके बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। प्रोफाइल के जरिए बाघों को संरक्षित करने की यह नई योजना को लेकर राष्टÑीय बाघ प्राधिकरण काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राष्टय बाघ प्राधिकरण और वर्ल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया देहरादून सहित वन विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक में बाघों की प्रोफाइल तैयार करने पर सहमति भी जताई है। हालांकि इस काम में काफी समय लगेगा, लेकिन कुछ राष्टÑीय उद्यानों ने अपने स्तर पर काम शुरू कर दिया है।
गिनती में नहीं होगी गड़बड़ी
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्टस् का मानना है कि टाइगर की स्मार्ट प्रोफाइल बनने के बाद उसके बारे में जानकारी लेना आसान हो जाएगा। टाइगर के बीमार होन या घायल होने में उसके उपचार में कम समय लगेगा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट प्रोफाइल से बाघों की गणना के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले बाघ को आसानी से पहचाना जा सकेगा। इससे गणना में किसी प्रकार की कोई गलती होने की संभावना नहीं रहेगी।जितेन्द्र अग्रवाल, पीसीसीएफ भोपालएनटीसीए व डब्लयूआईआई देहरादून की संयुक्त बैठक में बाघों की स्मार्ट प्रोफाइल बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर वन अफसरों ने सहमति भी जताई है। स्मार्ट प्रोफाइल से बाघों की गणना और संरक्षण में मदद मिलेगी।
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