टाइगर कैसे करता है किलाबंदी जानेंगे वैज्ञानिक
कान्हा पहुंची डब्ल्यूआईआई की टीम, होगी रिसर्च हर्षित चौरसिया, जबलपुर जं गल का राजा अपनी किलाबंदी कैसा करता है। जंगल में राज करने के लिए वह कैसे-कैसे प्रयोग करता है उसकी वास्तविक दैनिक दिनचर्या को जानने के लिए वाइल्ड लाइफ के वैज्ञानिकों ने अनुसंधान करने की तैयारी शुरू की है। इसके लिए देश के सबसे बड़े संस्थान वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. झाला अपनी टीम के साथ प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में डेरा डाले हुए हैं। करीब एक दर्जन से ज्यादा वैज्ञानिक और अधिकारियों की टीम कोर जोन में पहुंची चुकी है। रिसर्च के लिए टाइगर को लोकेट करने के लिए वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीम सर्चिग में जुटी रही। कॉलर आईडी से होगी मॉनीटरिंग बताया जा रहा है कि रिसर्च के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व के बाघ को कॉलर आईडी पहनाई जाएगी। इस आईडी के जरिए टाइगर लोकेशन के साथ उसकी टेरेटरी बनाने, उसकी दिनचर्या, उसके खान-पान से लेकर मादा बाघ के साथ उसके व्यवहार तक सभी की मॉनीटरिंग की जाएगी। बनाया गया कंट्रोल रूम देहरादून से आए वैज्ञानिक वायवी झाला के निर्देशन में यह प्रोजेक्ट शुरू किया गय...