बैतूल का राजा करेगा, राजधानी के वन विहार में करेगा ‘राज’
हर्षित चौरसिया, जबलपुर। प् रदेश के बैतूल जिले के वन क्षेत्र सारणी में अपनी पैठ जमाने वाला जंगल का राजा (बाघ) अब राजा भोज की नगरी प्रदेश की राजधानी के वन विहार नेशनल पार्क में राज करेगा। बताया जाता है यह बाघ बैतूल जिले के सारणी के आबादी वाले क्षेत्र में शिकार के लिए निकला तो वन विभाग ने उसे इंसानों के लिए खतरा बनने से रोकते हुए उसे पकड़ा ओर सतपुडा टाइगर रिजर्व में राज करने के लिए छोड़ दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद यह बाघ टाइगर रिजर्व की सीमा को पार कर फिर बैतूल के जंगल में अपनी टेरेटरी में वापस चला गया। खबर चली कि यह वही बाघ है जो सारणी के जंगलों में घूम रहा था। एक बार फिर वन विभाग ने वेटरनरी डॉक्टरों व एक्सपर्टस की मदद से इसे पकड़ा ओर अब कान्हा टाइगर रिजर्व में इसे एक बाडे में रखा गया। एक साल भेजा गया वन विहार कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि कान्हा टायगर रिजर्व के अंतर्गत घोरेला फेसिंग में लगभग वर्षभर से रखे गये बाघ को हमने शुक्रवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल के लिए रवाना कर दिया गया है। यह बाघ पूर्व में बैतूल जिले के सारणी क्षेत्र में आबा...