Posts

Showing posts from 2024

बाघों के गढ़ खोजी जा रही तितलियों की प्रजातियां

Image
  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तितलियों का सर्वे शुरू जबलपुर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुक्रवार से तीन दिवसीय तितली सर्वे का काम प्रारंभ हो गया है। नौ रेंज में 60 वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ वनकर्मी 20 कैम्प में तितली की विभिन्न प्रजातियों को एप में कैद किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्र में बायोडायवर्सिटी व तितलियों की प्रजाति ज्ञात करना है। 9 रेंज में शुरू हुआ सर्वे टाइगर  रिजर्व प्रबंधन अनुसार बांधवगढ़ के सभी 9 रेंज (कोर व बफर रेंज) में यह सर्वेक्षण का काम चलेगा। जानकारी अनुसार 1536 वर्ग कि.मी. में फैले बांधवगढ़ के भीतर करीब 70 तितलियों की प्रजाति पाई जाती हैं। खासबात यह है कि टीम में शामिल नेचर्लिस्ट, बीटगार्ड व श्रमिकों के साथ कैम्प में रहेंगे। जंगल के भीतर दलदली व जल स्त्रोतों के समीप पहले से ही तितली के अनुकूल एरिया को चिन्हित कर लिया गया था। शुक्रवार की सुबह कैम्पों से सर्वे टीम जंगल के लिए रवाना हुई। मौके पर ही मिली तितली प्रजाति को एप में स्टोर किया गया। सर्वेक्षण के आखिरी दिन 22 सितंबर को सर्वे की रिपोर्ट फाइनल की जायेगी। एक कैम्प में होंगे तीन विशेषज्ञ उप संचालक पी....

कान्हा के बारासिंघा सतपुडा टाइगर रिजर्व में भरेंगें कुलांचे

Image
जबलपुर। देश के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व कान्हा के बारहसिंगा अब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कुलाचें भरेंगे।  01 अप्रैल को कान्हा के सरही परिक्षेत्र स्थित सौंफ मैदान से 09 बारासिंघा (02 नर एवं 07 मादा) को सफलता पूर्वक केप्चर किये जाकर सतपुड़ा टायगर रिजर्व की ओर रवाना किया गया। इस पूरे केप्चर प्रक्रिया का नेतृत्व सुनील कुमार सिंह, क्षेत्र संचालक, कान्हा टायगर रिजर्व द्वारा किया गया। केप्चर आपरेशन के दौरान  पुनीत गोयल, उप संचालक (कोर), डाॅ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक एवं उनका रेस्क्यू दल तथा कान्हा टायगर रिजर्व के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भाग लिया गया। इसके पूर्व कान्हा से सतपुडा टा. रि. 106 (22 नर एवं 74 मादा, 10 बच्चे) बारासिंघा स्थानांतरित किये गये है। राज्य पशु बारासिंघा के सतपुडा टायगर रिजर्व में ट्रांसलोकेशन हेतु भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुमति दी गई थी।  31-03-2024 को समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा बारासिंघा केप्चर हेतु विशेष रूप से निर्मित बोमा का निरीक्षण किया गया एवं बारासिंघा केप्चर की रणनीति तैयार की गई...